टूट गई परंपरा: बाइडेन बोले- ट्रम्प को अब कोई खुफिया जानकारी नहीं मिलेगी, उनके बर्ताव पर हमें भरोसा नहीं है

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  • जो बिडेन बनाम डोनाल्ड ट्रम्प | अमेरिकी राष्ट्रपति बिडेन ने कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प इंटेलिजेंस ब्रीफिंग नहीं करेंगे।

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चार्ल्सटन3 मिनट पहले

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शुक्रवार को बेलारूसटन के करीब सेंट एंड्रू एयरबेस पर राष्ट्रपति जो बाइडेन अपनी एक एडवाइजर के साथ।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने साफ कर दिया है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को किसी तरह की खुफिया जानकारी नहीं दी जाएगी। बाइडेन के मुताबिक, ट्रम्प का बर्ताव परेशान करने वाला है, उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। बाइडेन का यह बयान चौंकाने वाला है। दरअसल, अमेरिका में यह परंपरा रही है कि पूर्व राष्ट्रपति को उतनी ही खुफिया सूचनाएं यानी इंटेलिजेंस ब्रीफिंग दी जाती है, साथ ही तीन राष्ट्रपति को। ऐसे में बाइडेन का फैसला ट्रम्प की एक और फजीहत माना जा सकता है।

जुबान फिसलने का खतरा
सीबीएस एसएम को दिए इंटरव्यू में बाइडेन ने ट्रम्प पर तल्ख टिप्पणियाँ कीं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- यह सही है कि हमारे यहां पूर्व राष्ट्रपति को इंटेलिजेंस ब्रीफिंग की परंपरा रही है, लेकिन इस बार यह पूरी तरह से नहीं होगी। ट्रम्प का बर्ताव परेशान करने वाला है। अगर वे भी मांग करेंगे तो हम उन्हें ये सूचनाएं नहीं देंगे।

बाइडेन ने आगे कहा- मुझे नहीं लगता कि अब ट्रम्प को खुफिया सूचना हासिल करने की कोई ज़रूरत नहीं है। क्या फायदा होगा? वह क्या करेगी? उनकी जुबान फिसलने का खतरा तो हमेशा बना रहता है। अगर वे कुछ बोल गए तो?

इस कथन के महत्वपूर्ण मायने हैं
अमेरिका में लंबे समय से यह परंपरा रही है कि अगर कोई पूर्व राष्ट्रपति मांग करता है तो उसे भी उसी इंटेलिजेंस ब्रीफिंग मुहैया किए जाते हैं जो वर्तमान राष्ट्रपति को दी जाती है। वैसे, बाइडेन का यह बयान एक लिहाज से व्यक्त है। इसकी वजह यह है कि ट्रम्प ने खुद को अब तक किसी तरह की इंटेलिजेंस ब्रीफिंग के लिए रिक्वेस्ट नहीं की है।

पहले भी ध्यान नहीं देते थे
सीएनएन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जब ट्रम्प व्हाइट हाउस में थे तब भी रोज इंटेलिजेंस ब्रीफिंग नहीं देखते थे। परंपरा के तौर पर उन्हें रोज ऐसा करना था, लेकिन वे सप्ताह में सिर्फ दो या तीन बार इन रिपोर्ट्स को देखते थे। 6 जनवरी को अमेरिकी संसद के बाहर और अंदर जो हिंसा हुई उसके बाद से तो ट्रम्प खलनायक के तौर पर सामने आए हैं। इस हिंसा में एक महिला और एक पुलिस अफसर सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी। ट्रम्प पर महाभियोग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 8 फरवरी के बाद उन्हें कभी भी बयान देने के लिए सीनेट बुलाया जा सकता है।

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