Budget 2021: वित्तमंत्री कर सकती हैं Vehicle Scrappage Policy का ऐलान, ये होगा आपको फायदा

नई दिल्लीः कोरोना काल में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को काफी धक्का पहुंचा था. ऐसे में वाहन उद्योग को बूस्ट देने और कार ग्राहकों को राहत देने के लिए व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी की घोषणा वित्तमंत्री आगामी बजट में कर सकती हैं. वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने कहा कि 1 फरवरी 2021 को इस बारे में कोई घोषणा होने की संभावना है. 

क्या है स्कैपेज पॉलिसी

सरकार ने 15 साल पुराने वाहनों को फेस आउट करने के लिए कड़ी scrappage policy तैयार की है. सरकार का तर्क है कि एयर पॉल्‍यूशन कम करने के लिए पुराने वाहनों को हतोत्‍साहित करना जरूरी है. इसी मकसद से सरकार ने यह बेहद महत्वाकांक्षी नीति तैयार की है. Scrappage Policy का लक्ष्य है कि 15 साल पुरानी गाड़ियों को हतोसाहित किया जाए. इसके लिए वाहनों के Re-Registration या पुनः पंजीकरण करने पर कई गुना शुल्क लेने का प्रस्ताव है.

यह भी पढ़ेंः Income Tax Return: आगे नहीं बढ़ेगी ITR की तारीख, सरकार ने किया इनकार, 15 फरवरी तक दाखिल करें रिटर्न
 

15 हजार हो सकता है re-registration शुल्क

सूत्रों की मानें तो scrappage policy में पुरानी कार के re-registration शुल्क को बढ़ाकर 15,000 रुपये तक किये जाने का प्रस्ताव है. यही नहीं कमर्शियल गाड़ियों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट को हर 6 महीने में रीन्‍यू करने और साथ ही फिटनेस सर्टिफिक्ट की फीस भी कई गुना बढ़ाने का प्रस्ताव है. 

30 फीसदी तक सस्ती हो जाएंगी नई कारें

सूत्रों की मानें तो Scrappage Policy का लक्ष्य है कि 15 साल पुरानी गाड़ियों को हतोत्‍साहित किया जाए. इसके लिए वाहनों के Re-Registration या पुनः पंजीकरण करने पर कई गुना शुल्क लेने का प्रस्ताव है.

समझिए क्या है पॉलिसी का फायदा

उदाहरण के तौर पर मानिए कि ऑटो स्क्रैपेज पॉलिसी लागू होने के बाद आप कोई कार खरीदते हैं जिसकी कीमत 10 लाख रुपये है तो इस कार पर 30 फीसदी के हिसाब से आपको तकरीबन 3 लाख का डिस्काउंट मिल सकता है जिसके बाद इस कार की कीमत 7 लाख हो जाएगी. इस नीति से ना सिर्फ पर्यावरण प्रदूषण में कमी लाने में मदद मिलेगी बल्कि ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी फायदा होगा क्योंकि मंदी और महामारी की वजह से ऑटोमोबाइल कंपनियों को काफी नुकसान हो चुका है. ऑटोमोबाइल सेक्टर भी ऑटो स्क्रैपेज पॉलिसी का समर्थन कर रहा है और ये जल्द ही भारत में लागू हो सकती है. 

गडकरी ने भी किया था इशारा

पिछले साल सितंबर 2020 में ऑटोमोटिव कॉम्पोनेन्ट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (Acma) के सालाना सत्र में बोलते हुए रोड ट्रांसपोर्ट और हाइवे मिनिस्टर नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा था कि ऑटो स्क्रैपेज पॉलिसी अपने आखिरी चरण में है और जल्द ये भारत में लागू हो सकती है. गडकरी ने कहा था कि केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही इस पॉलिसी को देश भर में लागू कर दिया जाएगा. 

यह भी पढ़ेंः इन 37 स्टॉक्स ने BSE पर दिया 50 से 157% तक रिटर्न, सेंसेक्स ने बनाया नया रिकॉर्ड

ये भी देखें-

Source link

%d bloggers like this: