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Sharad Pawar ने किया था कृषि कानूनों का विरोध, Narendra Singh Tomar ने तथ्यों के साथ दिया जवाब

नई दिल्लीः एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार (NCP Chiief Sharad Pawar) द्वारा कृषि कानूनों (Farm Laws) को लेकर की गई आलोचना के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने कई तथ्यों को पेश करते हुए जवाब दिया है. पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लगातार एक के बाद एक कई ट्वीट कर कृषि कानूनों का विरोध किया है. इसके बाद वर्तमान कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर (Narendra Singh Tomar) ने भी ट्वीट के माध्यम से एनसीपी चीफ को जवाब दिया है.  

पवार ने गलत तरीके से पेश किए तथ्य

तोमर ने लिखा, ‘शरद पवार वरिष्ठ राजनेता और पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री हैं. वे कृषि से जुड़े मुद्दों और उनके समाधान से भलीभांति वाकिफ हैं. पूर्व में उन्होंने भी कृषि संबंधी सुधारों को लाने की पुरजोर कोशिश की थी. कृषि मंत्री ने लिखा, ‘चूंकि मुद्दे पर उसी अनुभव और विशेषज्ञता के साथ बोलते हैं तो उनके ट्वीट देखकर बेहद निराशा हुई, जो अज्ञानता और गलत जानकारी से भरे हुए थे. मुझे अवसर दीजिए कि मैं उनके सामने कुछ तथ्य पेश कर सकूं.’ शरद पवार के नौ बिन्दुओं वाली आलोचना के जवाब में उन्हें एक टेबल में सारा ब्योरा सामने रखा.

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तोमर ने कहा, उम्मीद है अब बदलेगा पवार का रुख

तोमर ने एक अन्य ट्वीट में पवार को जानकारी देते हुए लिखा, ‘नई व्यवस्था में मंडियां प्रभावित नहीं हो रही हैं. इसके स्थान पर मंडियां अब सेवा और अधोसरंचना के संदर्भ में ज्यादा प्रतिस्पर्धी और किफायती साबित हो सकेंगी और दोनों व्यवस्थाएं किसानों के हित के लिए एक साथ समान रूप से क्रियाशील रहेंगी.’ तोमर ने कहा कि उम्मीद है कि अब पवार जी अपना रुख बदलेंगे और किसानों को इसके लाभ भी बताएंगे. 

कृषि मंत्री ने कहा, पवार के ट्वीट पढ़कर हुई निराशा

उन्होंने एक और ट्वीट में लिखा, पवार के ट्वीट देख के निराशा हुई और मुझे अवसर दीजिए कि मैं आपने सामने कुछ तथ्य पेश कर सकूं.’ शरद पवार के 9 बिन्दुओं वाली आलोचना के जवाब में उन्हें एक टेबल में सारा ब्योरा सामने रखा. इनमें प्वाइंट्स के जरिए उन्होंने बताया कि किसान को फसल को बेहतर दामों में बेचने की इजाजत देते हैं. नए बिलों में एमएसपी को कोई खतरा नहीं है जो पहले जैसी ही जारी है और हमेशा रहेगी. 

 

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